00 AUF नज़रिया | हौसलों की उड़ान | जीव बसेरा | राखी किशोर

नज़रिया श्रृंखला के तहत अमर उजाला फाउंडेशन पेश कर रहा है ऐसे लोगों की छोटी कहानियां जिनकी जिंदगी ने जमीनी हकीकत की स्लेट पर उनके हौसले से लिखा है उनका नज़रिया... ये बातें हैं उनकी जिन्होंने खुद को इतना समर्थ बनाया है कि अपने दम पर अपनी जिद और सपनों की मंजिल तय कर सकें। हालात का रोना रोने के बजाय अपनी सामर्थ्य भर खुद हालात बदलने की कोशिश करते चलें.. खुशियां बिखरते चलें..

मौजूदा समय में ज्यादातर लोग गली-मोहल्ले के कुत्तों से हैरान-परेशान हैं, कुछ तो आतंक का पर्याय देते हुए मारने से भी गुरेज नहीं करते और खुद को पशु प्रेमी कहते हैं। आवारा कुत्ते कहकर लोग इसे बड़ी चुनौती बताते हैं और भेदभाव करते हैं। अपने घर के पालतू जानवरों को तो लोग बहुत प्यार करते हैं, लेकिन सामुदायिक पशुओं के बारे में बहुत कम लोग सोच पाते हैं। एनिमल लवर एवं स्ट्रे डॉग्स की देखभाल की असली मसाल पेस कर रहा है लखनऊ के हसनगंज में स्थित जीव बसेरा..

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