आगरा के सेंट एंड्रूज पब्लिक स्कूल में हुई पुलिस की पाठशाला।
आगरा। सेंट एंड्रूज पब्लिक स्कूल, कमलानगर के छात्र-छात्राओं के लिए शुक्रवार का दिन खास था। स्कूल के सभागार में ‘पुलिस की पाठशाला’ लगी। सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह और सीओ कोतवाली मनीषा सिंह ‘टीचर’ बनीं। उनका सबक था कि न किसी से डरें, न छिपाएं। कुछ भी गड़बड़ लगे तो अपने टीचर-घरवालों को बताएं। जरूरत हुई तो पुलिस भी अभिभावकों की ही तरह उनकी मदद को हमेशा तैयार है। अमर उजाला फाउंडेशन के इस जागरूकता अभियान में विद्यार्थियों ने यह भी जाना कि कब-कैसे कोई शरारत अनजाने में अपराध बन जाता है।
 
विद्यार्थियों को कानून की जानकारी हो तो वे अनजाने में होने वाले अपराधों से बचेंगे और भविष्य में कानूनपाबंद नागरिक बनकर समाजनिर्माण में मददगार होंगे। इसी सोच के साथ अमर उजाला फाउंडेशन ने जिला पुलिस के सहयोग से ‘पुलिस की पाठशाला’ लगाने की पहल की है। सीओ अशोक कुमार सिंह ने ‘इनफार्मेशन’ से नियमों का ‘इगनोरेंस’ रोकने में मिलने वाली मदद की विस्तार से चर्चा की। सड़क दुर्घटनाओं के उदाहरण से समझाया कि नियमों का पालन करके इनको बहुत कम किया जा सकता है। उन्होंने समझाया कि अपने साथ गलत होने या खुद से गलती होने पर अभिभावकों को तुरंत बताए।
 
सीओ मनीषा सिंह ने इन दिनों चल रहे यातायात माह के हवाले से ट्रैफिक नियमों के पालन की सीख दी। उन्होंने छात्राओं को परेशानी में हेल्पलाइन 1090 की मदद लेने और ‘पॉवर एंजल’ बनकर दूसरों का मददगार बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के प्रयोग में सावधानियों की जानकारी भी दी। इससे पहले दोनों विशिष्ट अतिथियों, विद्यालय की प्रबंध निदेशक दिव्या शर्मा, प्रधानाचार्य डा. गिरधर शर्मा, उप प्रधानाधाचार्य अंशु सिंह, एनसीसी आफिसर आलोक वैष्णव और चीफ प्रक्टर संजय दुबे ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन किया। डा. गिरधर शर्मा ने आगरा को सच्चे अर्थों में स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नियमों का पालन जरूरी बताया। कहा कि सड़क हादसों में बड़ी संख्या में होने वाली मौतों का बड़ा कारण नियमों की उपेक्षा है। उन्होंने ‘अमर उजाला’ की पहल को समय की जरूरत बताया। धन्यवाद ज्ञापन प्रबंध निदेशक दिव्या शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि अमल के बिना ज्ञान अधूरा होता है। इसलिए नियमों को जानना ही नहीं उनका पालन भी जरूर करें। 11वीं के छात्र साहिल और आदित्य ने सफल मंच संचालन करते हुए यूपी पुलिस के बारे में रोचक जानकारियां भी दीं।
 
पुलिस की पाठशाला’ के सबक याद रखूंगी। यातायात नियमों का पालन सीखा, अमल भी करूंगी। - मुस्कान, कक्षा दस
पुलिस पाठशाला से हम छात्राओं का हौसला बढ़ाया गया। कोई गलत हरकत करे तो उसके तत्काल विरोध जरूरी है। - कशिश अग्रवाल, कक्षा दस
बिना हेलमेट के वाहन चलाना जानलेवा हो सकता है। ट्रैफिक रूल्स के पालन की कोशिश करूंगा। - अंकित गौतम, कक्षा दस
मुझे सोशल मीडिया के प्रयोग में सावधानी की सलाह पसंद आई। अनजाने में बड़ा अपराध संभव है। - अभिषेक बाल चंदानी, कक्षा दस
 
गुरुजनों के मंत्र
- वाहन चलाते हैं तो हेल्मेट लगाएं। लाइसेंस साथ रखें।
- स्मार्ट फोन जैसे गैजेट्स का सकारात्मक उपयोग करें
- सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारियां शेयर न करें
- बार-बार फ्रेंड रिक्वेस्ट या एसएमएस भेजना अपराध है
- ठेस पहुंचाने वाले फोटो-मैसेज न डालें, न लाइक करें।
 
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