कानपुर के मधुलोक हॉस्पिटल में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर का आयोजन

अमर उजाला फाउंडेशन और भक्ति वेदांत कैंसर इंस्टीट्यूट, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार, 27 जून, 2016 को कानपुर के किदवई नगर स्थित मधुलोक हॉस्पिटल में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर का आयोजन किया गयाl शिविर में 450 से ज्यादा लोग परीक्षण के लिए पहुंचे। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि शिविर में ज्यादातर मरीजों में मुंह के कैंसर के लक्षण पाए गये। चिकित्सकों द्वारा तीन गंभीर मरीजों को मुंबई में फ्री ऑपरेशन के लिए चयनित किया गयाl 

34 मरीजों को तत्काल ऑपरेशन के लिए बताया गया है। कानपुर समेत कानपुर देहात, हरदोई, बांदा, इटावा, औरैया, उरई, कन्नौज, हमीरपुर, चित्रकूट समेत आसपास के कई जिलों के मरीज सुबह से ही मधुलोक हॉस्पिटल पहुंचने लगे थे। साउथ कोरिया से रोबोटिक्स कैंसर सर्जरी का प्रशिक्षण लेकर लौटे मुंबई के कैंसर सर्जन डॉ. विष्णु अग्रवाल डॉ. अमोल और नेत्रपाल के साथ सुबह तकरीबन आठ बजे अस्पताल पहुंचे।

डीएम कौशल राज शर्मा ने कहा कि गुटखा जहर है। कानपुर और आसपास के जिलों में गुटखे के कारण कैंसर पीड़ितों की संख्या बहुत ज्यादा है। लोग खुद गुटखा न खाने का संकल्प लें और दृढ़ इच्छाशक्ति रखें। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन लगातार लोगों को गुटखा, धूम्रपान के नुकसानों के प्रति जागरूक कर रहा है। सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने कहा कि गुटखा खाकर लोग खुद तो परेशान होते ही हैं, परिवार भी तहस-नहस हो जाता है। गुटखे से बुरे हालात डॉ. विष्णु अग्रवाल ने कहा कि कानपुर बेल्ट में गुटखा खाने के कारण मुंह के कैंसर के मरीज सबसे ज्यादा हैं।

मुंह में लंबे समय से घाव हो, छाले ठीक न हो रहे हों तो विशेषज्ञ से जांच जरूर करा लेनी चाहिए। लापरवाही के कारण कैंसर फैलता जाता है। कैंप में आने वाले कुल मरीजों में 70 फीसदी मुंह के कैंसर से पीड़ित मिले। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि गॉल ब्लेडर के कैंसर से पीड़ित मरीज भी कैंप में आए। ब्रेस्ट कैंसर, ब्लड कैंसर पीड़ित भी आए। डॉ. मधु ने किया परीक्षण मधुलोक हॉस्पिटल की डायरेक्टर और वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु सिंह ने बच्चेदानी के कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं का परीक्षण कर परामर्श दिया। मेहरोत्रा डायग्नोस्टिक ने दी छूट कैंसर कैंप में मेहरोत्रा डायग्नोस्टिक की डायरेक्टर डॉ. मोनिका मेहरोत्रा के निर्देशन में सीटी स्कैन पर मार्केट रेट से 40-50 फीसदी की छूट दी गई।  

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