नागरिक अधिकार कार्यकर्ता जगदीप छोकर ने कुछ इस अंदाज में अपनी बात रखी।

अमर उजाला फाउंडेशन और माइन्ड्स इग्नाइटेड के तत्वावधान में 25 मार्च को जे. पी. सभागार, आगरा में ‘नजरिया जो जीवन बदल दे’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. आगरावासियों के लिए रविवार की शाम बेहद खास और बहुत खुशनुमा रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर के वक्ताओं- पवन दुग्गल (साइबर विशेषज्ञ), डॉ. समीर पारीख (मनोचिकित्सक), जगदीप छोकर (नागरिक अधिकार कार्यकर्ता) और बालेन्दु दाधीच (टेक्नोलॉजी के सहारे भारतीय भाषाओँ के भविष्य पर काम करने वाले विशेषज्ञ) ने अपने-अपने अनुभवी और सटीक व्याख्यानों से श्रोताओं को जीवनोपयोगी जानकारी से रोमांचित किया और बदलते दौर की तेजी से बदलती तकनीकी के फायदे-नुकसान समझाने के साथ रिश्तों की अहमियत पर रोशनी डाली। अनुभव सिद्ध विचारों से बताया कि नजरिया बदलने से जिंदगी में सकारात्मक परिवर्तन लाए जा सकते हैं। अगर हम रिश्तों में निवेश करते हैं, उनको तवज्जो देते हैं, परिवार को समय देते हैं, तो निश्चित रूप से जीवन में खुशहाली आ सकती हैं।

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