कानपुर के दून इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में मौजूद विद्यार्थी
  Start Date: 16 Apr 2019
  End Date: 16 Apr 2019
  Location: कानपुर

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ‘अपराजिता’ 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत मंगलवार, 16 अप्रैल, 2019 को कानपुर के रतनलाल नगर स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। पाठशाला में बच्चों को संबोधित करते हुए सीओ बाबूपुरवा मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि पुलिस से डरें नहीं बल्कि उससे मित्रता करें।

घर से निकलते ही आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। कभी भी कोई परेशानी हो, कोई डराए, धमकाए तो फौरन पुलिस को सूचना दें। सीओ ने बताया कि घर वालों के अलावा यदि कोई उनकी सुरक्षा करेगा तो वह पुलिस है। उन्होंने अपराध के प्रति अपनी चुप्पी तोड़ने का संकल्प दिलवाने के साथ ही पुलिस की र्कायप्रणाली से भी अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। आसपास किसी भी अपराध की जानकारी मिलती है या सड़क पर कोई हादसा होता है तो तुरंत पुलिस को फोन करें। पुलिस का कार्य सिर्फ कानून का पालन कराना ही नहीं बल्कि उल्लंघन करने पर भी पुलिस हरकत में आती है। कार्यक्रम में टीएसआई शिव सिंह छोकर ने बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के साथ ही दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने की बात कही। साथ ही 18 साल से कम आयु के बच्चों को ड्राइविंग नहीं करने की सलाह दी। 

पिंक चौकी प्रभारी निर्मला सिंह ने कहा कि महिला अपराध पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी होगा कि छात्राएं भी जागरूक हों। अगर कभी किसी के साथ कोई घटना हो तो उसे छिपाएं नहीं। सबसे पहले परिजनों को बताएं और फिर पुलिस को। वहीं, अगर वह परिजनों को भी बताना नहीं चाहती हैं, तो वूमेन पॉवर लाइन- 1090 पर भी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यहां पर शिकायतकर्ता की जानकारी गुप्त रखी जाती है। साथ ही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें। 

कार्यक्रम में स्कूल के प्रबंधक अमर जीत सिंह, प्रिंसिपल डॉ. आरसी जॉन, मोनिका, राज पंचवानी समेत कॉलेज के शिक्षक शिक्षिकाएं व कर्मचारी आदि मौजूद रहे। संचालन इंटरमीडिएट की छात्रा पलक जस्सल ने किया। इस मौके पर बच्चों ने खुलकर पुलिस अधिकारियों से सीधा संवाद किया और कई सवाल भी पूछेl

आद्या मेहरोत्रा:  यदि कोई शोहदा अश्लील टिप्पणी करता है तो हमें क्या करना चाहिए? 
पिंक चौकी प्रभारी निर्मला सिंह: आपको इसका विरोध करने के साथ ही 1090 या 100 नंबर पर तुरंत कॉल कर पुलिस की मदद लेनी चाहिए। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। 

सौम्या दिनकर : वाहन चलाने की सही उम्र क्या है? 
टीएसआई शिव सिंह छोकर: वाहन चलाने की उम्र 18 वर्ष है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट के वाहन न चलाएं। वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का भी ध्यान देना चाहिए। 

राहुल कनौजिया: हमें पुलिस से डर लगता है। क्या आम लोगों को पुलिस से डरना चाहिए? 
शिव सिंह छोकर: पुलिस आपकी मित्र है। यदि आप गलती करेंगे तो सजा मिलेगी। पुलिस अपराधियों पर लगाम कसती है अच्छे लोगों पर नहीं। 

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