Amar Ujala Foundation

स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन के शिविर, 80 बने महादानी

आगरा। ‘सुनो, मैं रक्तदान करने जा रहा हूं, घंटे भर में लौटता हूं।’ यह सुन शानू बोलीं, ‘ठहरो, मैं भी चलती हूं।’ बल्केश्वर निवासी शैलेंद्र गोयल ने मन टटोला, ‘रहने दो कमजोरी आ जाएगी।’ वे बोलीं, ‘पता है कोई कमजोरी नहीं आती। जब रक्त सर्वाधिक जरूरत महिलाओं को है, फिर दान में हम ही पीछे क्यों रहें।’ यही सोच नौलक्खा की जया खत्री की भी है।
आगरावासियाें के ऐसे जज्बे ने रक्तदान को नई आभा प्रदान की। ऐसे ही जागरूक 80 महादानियों ने अमर उजाला फाउंडेशन के शिविरों में रक्तदान किया। 23 लोग अमर उजाला फाउंडेशन ब्लड डोनर क्लब के सदस्य भी बने। क्लब के सदस्य कहीं और से इंतजाम न होने पर मरीज के लिए रक्तदान करने के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं। विश्व स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर फाउंडेशन ने अमर उजाला कार्यालय सिकंदरा (38 यूनिट), एसएन मेडिकल कालेज ब्लड बैंक (22 यूनिट) और जिला अस्पताल ब्लड (20 यूनिट) में कैंप लगे। सिकंदरा शिविर में एसएन ब्लड बैंक प्रभारी डा. हरेंद्र यादव की देखरेख में डा. चंद्रकांता, डा. नीतू चौहान, डा. अभिषेक, डा. ममता, डा. स्तुति, प्रमोद कुमार, दामोदर सिंह, अनुराग अग्रवाल और जिला अस्पताल में डा. नरेंद्र मोहन शर्मा, हर्षिता, सुरजीत ने रक्तदान कराया।
बेटी को बर्थ डे ‘विश’
धौलपुर हाउस के हरीश मल्होत्रा की बेटी वर्तिका का बृहस्पतिवार को जन्मदिन था। सुबह अखबार पढ़ा और शिविर में आए। फोन पर बेटी को बताया उसके गिफ्ट के तौर पर रक्तदान किया। बेटी ने पिता की सोच और उफहार दोनों को सराहा।
काम से पहले महादान
सिकंदरा के डा. देवेंद्र गुप्ता क्लीनिक खोलने से पहले रक्तदान करने आए तो फीरोजाबाद में विद्युत विभाग में कार्यरत अखिलेश वर्मा रक्तदान करने के बाद नौकरी पर गए।
युवा इनसे लें प्रेरणा
20 बार से अधिक रक्तदान कर चुके राजामंडी के 50 साल के पूरनचंद आसनानी कहते हैं कि हर कोई साल में एक बार भी रक्तदान करे तो रक्त की कमी से किसी की जान न जाएगी।
साईंनाथ समिति के लिए
रक्तदान भी समाजसेवा
श्री साईंनाथ सेवा समिति, नौलक्खा के सदस्यों ने जो जज्बा दिखाया, वह अनुकरणीय है। समिति के 18 सदस्याें ने रक्तदान किया। सचिव संजय सत्यदेव, वीके गुप्ता और सेठ सिंह ने कहा, जिससे जान बचे उससे बड़ा प्रयास क्या हो सकता है। उन्होंने रक्तदान को सबसे बड़ी समाज सेवा बताया।