रोबोटिक सर्जरी से ब्रेस्ट कैंसर का सफल ऑपरेशन

देश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी से ब्रेस्ट टृयूमर का सफल ऑपरेशन कराया गया।

बेहद कम खर्च में रोबोटिक सर्जरी से ब्रेस्ट कैंसर का ऑपरेशन करके मुंबई के सर्जन डॉ. विष्णु अग्रवाल ने देश में एक नई राह खोली है। दुनिया भर में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर आम बात हो गई है। बुजुर्ग महिलाएं ही नहीं बल्कि युवा महिलाएं भी इसका शिकार होने लगी हैं। अब तक इसके इलाज के लिए महिलाओं के पूरे ब्रेस्ट को निकालना पड़ता था लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं होगी। कैंसर सर्जन डॉ. विष्णु अग्रवाल ने यह कर दिखाया है। उन्होंने हाल ही में मुंबई में एक महिला के ब्रेस्ट ट्यूमर की रोबोटिक्स सर्जरी करके उन्हें नया जीवन दिया। डॉ. विष्णु अग्रवाल का दावा है कि इस तरह का ऑपरेशन देश में पहली बार हुआ है।

मुंबई निवासी 30 वर्षीय टीना (बदला हुआ नाम) के दाएं ब्रेस्ट में बड़ा ट्यूमर था। डॉ. विष्णु अग्रवाल ने जांच के बाद बता कि अगर रोबोटिक्स सर्जरी की जाए तो ब्रेस्ट को बचाना संभव होगा। अविवाहित टीना के लिए यह आशा की किरण साबित हुआ। डॉ. विष्णु अग्रवाल की सलाह को उन्होंने स्वीकार किया और रोबोटिक सर्जरी कराने की हामी भर दी। डॉक्टर ने टीना को बताया कि अभी तक इस तरह की सर्जरी देश में नहीं हुई है, लेकिन सौ प्रतिशत सफल होने की गारंटी वे दे सकते हैं। टीना ने परिवार और दूसरे डॉक्टरों के साथ सलाह-मशविरे के बाद रोबोटिक स्किन एंड निप्पल स्पेयरिंग मास्टेकटॉमी कहलाने वाली यह सर्जरी कराने का फैसला किया। पांच लोगों की टीम ने चार घंटे में यह सफल ऑपरेशन किया। सर्जरी कराने के दो दिन बाद ही टीना को छुट्टी दे दी गई। अब वे काफी खुश हैं।

अमर उजाला फाउंडेशन दिला सकता है रियायत

इस सफल ऑपरेशन से डॉ. विष्णु अग्रवाल काफी उत्साहित हैं। कहते हैं अगर यही ऑपरेशन विदेशों में कराना पड़ता तो 8 से 10 लाख रुपए लगते लेकिन यहां रियायत देकर दो लाख रुपए में टीना का ऑपरेशन किया गया। अगर अमर उजाला फाउंडेशन इससे जुड़ जाए तो इसे हम और कम कीमत पर कर सकते हैं। डॉ. अग्रवाल मानते हैं कि इससे देश में महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद जगी है। इसी तरह के ऑपरेशन बाकी कैंसर के लिए भी कर सकते हैं, जिसमें छोटे से होल के द्वारा ऑपरेशन हो जाता है। बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे ऑपरेशन से मरीज जल्दी ठीक होता है और दर्द भी न के बराबर होता है।

भारत में पहला ऑपरेशन

इस तरह का ऑपरेशन विदेशों में भी बहुत कम जगहों पर होते हैं। यह देश में पहली बार हुआ है। डॉ. विष्णु अग्रवाल के इस दावे की तस्दीक पूरे देश में रोबोटिक कैंसर सर्जरी के लिए साजो-सामान उपलब्ध कराने वाली कंपनी बट्टी-कुट्टी के मुंबई-महाराष्ट्र के सैल्स मैनेजर रोहित गुप्ता ने भी की है। उन्होंने कहा, क्योंकि हम ही सभी को साजो-सामान उपलब्ध कराते हैं, इसलिए हम भी दावा करते हैं कि इस तरह का ऑपरेशन देश में पहली बार हुआ है।

नई उम्मीद जगी जीवन में ः टीना

यह बाकई में बहुत बड़ा ऑपरेशन था। मुझे भगवान की कृपा से अच्छे डॉक्टर मिले। अब मैं खुद सारे काम कर रही हूं। चल-फिर रही हूं। मैं हमेशा नए जोखिम लेने के लिए तैयार रहती हूं इसलिए मैंने खुद डॉक्टर अग्रवाल को रोबोटिक सर्जरी के लिए कहा। सब कुछ बहुत अच्छा हुआ। बहुत खुश हूं। नया जीवन मिला है, नई उम्मीद जगी है जीवन में। आर्थिक रूप से भी बहुत ज्यादा परेशानी नहीं हुई। बहुत जल्द अपनी नौकरी में लौटूंगी।