Amar Ujala Foundation

बच्चों को कराया यातायात नियमाें का बोध

29-02-2016

देहरादून

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला में बच्चों ने किए खूब सवाल-जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस पाठशाला में बच्चों को यातायात नियमाें का ज्ञान कराया गया। यातायात पुलिस का कहना था कि सड़क पर ट्रैफिक नियमाें के उल्लंघन से होने वाले हादसों में गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता है। छात्र-छात्राओं ने नियमाें पर सवाल-जवाब अपनी जानकारी में इजाफा किया। बच्चों ने संकल्प लिया कि वो खुद तो नियमाें का पालन करेंगे ही और दूसराें को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
एफआरआई स्थित केंद्रीय विद्यालय में पुलिस पाठशाला में छात्र-छात्राआें के साथ शिक्षकाें ने भी व्यक्तिगत रुचि दिखाई। ट्रैफिक इंस्पेक्टर रविकांत सेमवाल ने छात्र-छात्राओं को 18 वर्ष की उम्र से पहले वाहन न चलाने, तीन सवारी न चलने, मोबाइल का प्रयोग न करने, वन-वे का उल्लंघन न करने और लालबत्ती को जंप न करने के लिए कहा। उन्होंने नियमाें के उल्लंघन से शहर क्षेत्र में हुए हादसों के उदाहरण दिए। विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल सुनील कुमार जोशी ने कहा कि पाठशाला के माध्यम से बच्चों के ज्ञान में बढ़ोत्तरी हुई है। शिक्षिका कमला सावंत के संचालन में हुई पाठशाला में योग टीचर रुचि थपलियाल, किरण नैनवाल, बीना बैंजवाल, श्रव्या सकलानी, रानी कदीर, अनुपमा चंदोला, एके काला, आशा मेहता, सीपीयू के दारोगा महेश ढौंढियाल और सिपाही अनुराग कौशल मौजूद रहे।
कार्रवाई में पक्षपात क्यों करती है पुलिस ?
छात्र देवांश ने चालान की कार्रवाई में पक्षपात पर सवाल उठाए। उदाहरण देकर बताया कि सिपाही के बेटे को परिचित होने की वजह से बिना कार्रवाई के छोड़ दिया।
छात्रा आस्था का कहना था कि पुलिस खुद ट्रैफिक नियमों को लेकर क्यों गंभीर नहीं है। कई बार वो खुद उल्लंघन करते हैं। पुलिस को पहले इसकी पहल करनी चाहिए।
छात्रा योगिता का कहना था कि कार्रवाई से ज्यादा जागरूकता की जरूरत है, क्याेंकि काफी लोग अभी भी नियमों से परिचित नहीं हैं। इसी लिए समस्या होती है।