Amar Ujala Foundation

तेजाब पीड़ित आतिफ बिलाल की लखनऊ में हुई सर्जरी

लखनऊ (ब्यूरो)। ऑपरेशन टेबल पर लेटा आतिफ डॉक्टर विवेक को अपनी कहानी बता रहा था। डॉक्टर बीच-बीच में उसकी तरफ देखते और फिर अपने काम पर लग जाते। करीब नौ घंटे लंबी सर्जरी के बाद आतिफ की खोपड़ी के जले हुए हिस्से पर आठ हजार बाल प्रत्यारोपित किए जा सके हैं। भोपाल के रहने वाले 24 वर्षीय तेजाब पीड़ित आतिफ बिलाल की अमर उजाला फाउंडेशन और दिवा क्लिनिक के सहयोग से दस मार्च को लखनऊ में सर्जरी की गई। वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर विवेक कुमार सक्सेना के निर्देशन में 12 लोगों की टीम ने सर्जरी की। डॉक्टर विवेक ने बताया कि आतिफ के सिर का दाहिनी तरफ का हिस्सा तेजाब से बुरी तरह झुलस गया था। इस हिस्से पर बाल प्रत्योरोपित करने के साथ झुलसी हुई त्वचा का इलाज भी नि:शुल्क किया गया है। इस दौरान आतिफ को लोकल एनिस्थिसिया दी गई थी। अब छह महीने बाद नाक और भौंह की सर्जरी की जाएगी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से 21 फरवरी को नई दिल्ली में तेजाब पीड़ितों के पुनर्वास और अधिकारों पर हुई राष्ट्रीय परिचर्चा ′अदम्य′ में आतिफ और डॉक्टर विवेक ने भाग लिया था।

फेसबुक से मिला धोखा

फेसबुक के माध्यम से आतिफ की दोस्ती एक लड़की से हुई थी। दोस्ती आगे बढ़ी तो उस लड़की ने शादी का प्रस्ताव रख दिया। आतिफ की मां वसीम के अनुसार, ′हमने जब पता किया तो मालूम पड़ा कि वह लड़की पहले से शादीशुदा थी और उसके तीन बच्चे थे। रिश्ते से इंकार करने के बाद हमें लगा कि मामला सुलझ गया है पर कुछ दिनों बाद पांच अक्तूबर 2012 को उस महिला के पति ने आतिफ पर तेजाब फेंक दिया।