एसिड अटैक पीड़िता से की शादी

कानपुर, चमनगंज के मो.वसीम ने चेहरे की खूबसूरती के बदले दिल की खूबसूरती पसंद की और देखते ही देखते सबके लिए मिसाल बन गए। वसीम ने गुरुवार को एसिड अटैक पीड़िता ढकनापुरवा की सबीना से इस्लामिक रीति-रिवाज से शादी की।
सबीना ने 2004 में महज 16 साल की उम्र में जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द झेला था। उनके चेहरे और पूरे शरीर पर एक सिरफिरे ने तेजाब फेंक दिया था, सिर्फ इसलिए क्योंकि सबीना ने उससे शादी करने से इंकार किया था। उस हमले में सबीना की आंखें और बाल जल गए थे। इस हमले ने सिर्फ सबीना की खूबसूरती ही नहीं जलाई, बल्कि जिंदगी के तमाम पहलुओं को भी बदसूरत कर दिया था। तब से लेकर आज तक सबीना की आठ बार सर्जरी हुई, लेकिन उसकी खूबसूरती न लौट पाई। इसके बावजूद वसीम ने सबीना के दिल को पढ़ा और उससे निकाह करने का फैसला लिया। गुरुवार को महिलाओं के हित के लिए काम करने वाली सामाजिक संस्था सखी केंद्र ने सबीना व वसीम की शादी कराई।
खूबसूरत लोग ही धोखा दे जाते हैं
वसीम कैटरिंग का काम करते हैं। उनकी पहले एक शादी हो चुकी है और पहली पत्नी से दो बच्चे भी हैं। वह बताते हैं कि उनकी पहली पत्नी खूबसूरत थी, लेकिन किसी दूसरे के लिए उसने अपनों को छोड़ दिया। सबीना को उनके बच्चे भी बेहद प्यार करते हैं और सबीना भी उनसे बेहद प्यार करती हैं। इसलिए उन्हें अपनी जिंदगी में सबीना से खूबसूरत लड़की शायद कभी नहीं मिल सकती थी।

2004 में सबीना पर एसिड अटैक हुआ था, जब वह घर के बाहर बैठी थीं। इस वारदात ने पूरे देश में खलबली मचा दी थी। सखी केंद्र की नीलम बताती हैं कि उस दौरान इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस मामले को दबाने में जुटी थी। चार दिन तक कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई थी। सखी केंद्र ने हस्तक्षेप कर सबीना की आवाज बुलंद की तो अधिकारी हरकत में आए और वर्षो से सबीना को न्याय दिलाने के लिए नीलम और सखी केंद्र की सभी महिलाएं कोर्ट में जंग लड़ रही हैं।

सबीना बताती हैं कि 2004 में उनसे एक गुंडा रोज शादी के लिए दबाव बनाता था। शादी से इंकार करने पर वह घरवालों को धमकी देने लगा। घरवाले उसके दबाव में आ गए और शादी के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगने लगे। एक दिन नशे में चूर युवक ने इस बात को भी नहीं माना और सबीना पर एसिड फेंक दिया। सबीना कहती हैं कि उन्हें उस हमले के बाद कभी उम्मीद न थी कि उनकी खुशियां फिर से लौटेंगी, लेकिन वसीम ने इसे हकीकत कर दिखाया।