Amar Ujala Foundation

एक ने चेहरे, दूसरे ने जिंदगी पर फेंका तेजाब

प्रेम प्रकाश त्रिपाठी
नई दिल्ली। डायमंड कटिंग में जहांआरा को महारत हासिल थी। घर खर्च में हाथ बंटाकर वह अम्मी की चुनौतियां काफी हद तक कम कर चुकी थी। रोज की तरह ही जहांआरा अपनी सहेलियों के साथ काम पर निकली। कब्रिस्तान के पास मोटरसाइकिल में सवार दो लोगों ने उसे रोका और तेजाब की पूरी बोतल से उसके शरीर को झुलसा दिया।
जहांआरा ने बताया, ‘यह 2003 की बात है। मैं उन्नीस साल की थी। शादी में महज आठ दिन रह गए थे। हादसे में एक आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई। कान, चेहरा, नाक और गर्दन सिर्फ नाम के लिए रह गए। फिर भी लड़के वालों ने रिश्ता नहीं तोड़ा। निकाह के बाद रामगढ़ चली गई।’ लेकिन आप पर तेजाब फेंका किसने? जहांआरा ने बताया, ‘संइया उर्फ शकील ने। 9 साल की थी जब एक बार अपने मामा के यहां गई थी। शकील का परिवार भी मामा के घर के पास ही रहता था। एक दिन मामा के बेटे और शकील के बीच झगड़ा हुआ। भाई को बचाने के लिए मैं भी शकील से झगड़ पड़ी और उसके मुंह पर थूक दिया। यही बात उसके दिमाग में बैठ गई जो तेजाब की शक्ल में मुझ पर बरसी।’
घटना के बाद जहांआरा के परिवार ने केस दायर किया। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसका इलाज शुरू हुआ। जहांआरा ने बताया, ‘शुरुआत में ससुराल ने साथ दिया। दो बेटे हुए। फिर परिस्थितियां बिगड़ती गईं। इलाज और केस के चलते मुझे हल्द्वानी और दिल्ली आना पड़ता था। ससुराल वालों ने पति को मेरे खिलाफ कर दिया। दो साल बाद उन्होंने मुझे छोड़कर दूसरा निकाह कर लिया। मैं मायके आ गई। लेकिन संघर्ष जारी रखा।’ 11 साल बाद आरोपी को दस साल की सजा हुई लेकिन वह कुछ दिन बाद ही जमानत पर रिहा हो गया।

कर्ज लेकरकराया इलाज
जहांआरा के इलाज में करीब तीन लाख रुपये लग गए। चेहरे और आंख का ऑपरेशन हो चुका है लेकिन अब इलाज कराने की हिम्मत नहीं है। जहांआरा भी इलाज नहीं कराना चाहती। वह कहती है, ‘बड़े बेटे का स्कूल में एडमिशन कराया है। अभी सबसे अधिक जरूरत रोजगार की है। अब डायमंड कटिंग का काम नहीं कर सकती। हां, पार्लर का काम जानती हूं। मदद मिले तो एक पॉर्लर खोलना चाहती हूं।’

आप भी बढ़ाएं मदद का हाथ
अमर उजाला फाउंडेशन ने ऐसी महिलाओं के सशक्तीकरण की पहल शुरू की है। इसके लिए पांच लाख रुपये से अमर उजाला फाउंडेशन एसिड विक्टिम एम्पावरमेंट फंड बनाया है। आप भी इस मुहिम से जुड़ें। अगर आप किसी तेज़ाब पीड़ित को जानते है जिसे सहायता की ज़रूरत है, तो हमें बताएं। आप तेज़ाब पीड़ितों की मदद करना चाहें, तो – Amar Ujala Foundation Acid Victim Empowerment Fund के नाम से चेक दे सकते हैं। पता है – Amar Ujala Foundation, C21/22, Sector 59, Noida – 201301। सहयोग राशि पर 80G के तहत टैक्स में छूट मिलेगी। संपर्क – मानस प्रकाश, 0120 – 4694250.